शनि के उपाय। शनि के उपाय लाल किताब। Shani grah ke upay

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शनि के उपाय। शनि के उपाय लाल किताब। Shani grah ke upay

शनि की गति धीमी है | इसके दूषित होने पर अच्छे से अच्छे काम में गतिहीनता आ जाती है | कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव में होने पर मकान या मकान का हिस्सा गिर जाता या क्षतिग्रस्त हो जाता है। अंगों के बाल झड़ जाते हैं। शनिदेव की भी दो राशिया है, मकर और कुम्भ | शारीर में विशेषकर निचले हिस्से में ( कमर से नीचे ) हड्डी या स्नायुतंत्र से सम्बंधित रोग लग जाते है | वाहन से हानि या क्षति होती है | काले धन या संपत्ति का नाश हो जाता है। अचानक आग लग सकती है या दुर्घटना हो सकती है।

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उपाय :

1-  हनुमद आराधना करना, हनुमान जी को चोला अर्पित करना, हनुमान मंदिर में ध्वजा दान करना, बंदरो को चने खिलाना, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमानाष्टक, सुंदरकांड का पाठ और ॐ हन हनुमते नमः का १०८ बार नित्य जाप करना श्रेयस्कर होता है |

2- नाव की कील या काले घोड़े की नाल धारण करे |

3- यदि कुंडली में शनि लग्न में हो तो भिखारी को ताँबे का सिक्का या बर्तन कभी न दें यदि देंगे तो पुत्र को कष्ट होगा।

4- यदि शनि आयु भाव में स्थित हो तो धर्मशाला आदि न बनवाएँ।

5- कौवे को प्रतिदिन रोटी खिलाएँ।

6- तेल में अपना मुख देख वह तेल दान कर दें (छाया दान करे ) । लोहा, काली उड़द, कोयला, तिल, जौ, काले वस्त्र, चमड़ा, काला सरसों आदि दान दें।




कैसे करे शनि-दोष निवारण, अचूक उपाय

1- शनिदेव को शांत करने के लिए दान और पूजन का विधान है।

2- शनि की अनिष्टता निवारण के लिए शनिवार को शनिदेव के मंदिर में तेल चढ़ाएं व दान करें।

3- इसके अलावा काले तिल, काली उड़द, लोहा, काले वस्त्र, काले कंबल, छाता, चमड़े के जूते, काली वस्तुएं आदि।

4- शनिदेव के मंदिर के बाहर पुराने जूते और वस्त्रों का त्याग करना भी फायदा देता है।

5- इसके अलावा शनिदेव का व्रत रखने से भी शनि प्रसन्न होते हैं।

6- शनि की अनिष्टता निवारण के लिए शनिवार को एकाशना करनी चाहिए।

7- अगर व्रत न कर सकें तो मांसाहार व मदिरापान नहीं करना चाहिए और संयमपूर्वक प्रभु स्मरण करना चाहिए।

8- शनि मुद्रिका से पहुंचता है लाभ, ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह अनुसार काले घोड़े के खुर की नाल की अभिमंत्रित अंगूठी मध्यमा अंगुली में धारण करनी चाहिए।

शनि पीड़ा निवारण रत्न:- 

शनि दोष निवारण के लिए शनि रत्न नीलम धारण करना चाहिए लेकिन यह केवल तुला, वृषभ, मकर, कुंभ राशि या लग्न के व्यक्तियों को ही धारण करना चाहिए। शनिदोष के निवारण हेतु शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान से अभिमंत्रित किया हुआ शनि यंत्र धारण करने से शनि की पीड़ा शांत हो जाती है।

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