विवाह रेखा। Marriage line. Vivah Rekha in hindi.

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विवाह रेखा। Marriage line. Vivah Rekha in hindi.

विवाह रेखा 

(Marriage Line)

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  विवाह रेखा (Marriage Line) - विवाह रेखा हाथ में आपके बुध पर्वत के नीचे होती है और यह अधिकतर आपके प्रेम संबंधों, मेल-मिलाप और लगाव को व्यक्त करती है। साथ ही साथ यह बताती है कि आप की शादी किस उम्र में होने के योग ज्यादा है और जीवन में कितने आपके संबंध रहने के योग रहेंगे। यह प्रेम संबंधों और विपरीत लिंग से होने वाले संबंधों के विषय में बताता है। विवाह जीवन का सबसे अमूल्य भाग होता है और इसका सही तरीके से पता लगा पाना बेहद ही जरूरी होता है, क्योंकि यह शादी की उम्र के विषय के साथ साथ जीवन में नए व्यक्ति के आगमन के बारे में भी बताता है। कब और किसके साथ आपके घनिष्ठ संबंध बनाने वाले है, उसके बारे में भी यह विवाह रेखा आपको बताती है। विवाह रेखा के लिए सटीक जानकारी प्राप्त करनी हो तो सिर्फ विवाह रेखा ही नहीं बल्कि हाथ के अन्य चिन्हों को भी बारीकी से पढ़ना होता है जो कि आपके विवाह के योग के बारे में बताता है। विवाह रेखा जो लंबी और स्पष्ट हो वही विवाह का सूचक होता है। जैसे चित्र में दिखाई गई है 


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अधिकांश लोग इस बात के लिए सबसे ज़्यादा जिज्ञासु रहते है कि उनकी शादी कब होगी

                     विवाह कब होगा

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 विवाह रेखा हृदय रेखा के ऊपर में होता है और हृदय रेखा के एकदम पास में अपकी विवाह रेखा मौजूद हो तो यह समझ लीजिए कि आपकी शादी बहुत ही कम उम्र में होने के योग रहेंगे जैसे 17 से लेकर के 19 वर्ष के बीच में आपके विवाह के योग बहुत ज्यादा मजबूत हैं अगर यही विवाह रेखा हृदय रेखा और बुध पर्वत इन दोनों के बीच में मौजूद हो तो आप का विवाह 20 से लेकर के 27 वर्ष के बीच में होने के योग सबसे मजबूत है तथा अगर यह विवाह रेखा बीच के भाग से भी थोड़ा ऊपर में हो तो आपके विवाह 28 से लेकर के 38 की आयु तक होने के योग रहते हैं। परंतु इसका पूर्ण निष्कर्ष यानी संपूर्ण जानकारी भाग्य रेखा और जीवन रेखा को देख कर ही किया जाता है।

विवाह रेखा पर इस वीडियो को जरूर देखें --


प्रेम प्रसंग और विभाग से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जिनकी जानकारी होना आपको सबसे ज्यादा जरूरी है, तो आइए चर्चा करते हैं कुछ विशेष महत्वपूर्ण विवाह रेखा यानी मैरिज लाइन के ऊपर

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  •  हथेली में एक से अधिक विवाह रेखा होने पर यह एक से ज्यादा होने वाले प्यार को, अट्रैक्शन को, लव को, एक प्रकार से किसी से भी होने वाले लगाव को बताता है इसका मतलब यह नहीं कि आपकी शादी एक से ज्यादा बार होगी, परंतु कहीं ना कहीं शादी के बाद भी आपके संबंध रहने के योग रह सकते हैं। कहीं ना कहीं यह लोग प्यार की तलाश में ही रहते हैं और अलग कहीं अपने प्यार का चुनाव करना पसंद करते हैं। और पति या पत्नी से अनबन, मतभेद के योग भी ज्यादा बनते हैं और किसी न किसी बात को लेकर के मनमुटाव या फिर आसंतुष्टि भी रहती है। 


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  •  यदि किसी व्यक्ति की विवाह रेखा नीचे की ओर झुकी हो तो इसका मतलब यह होता है कि उसका जीवन साथी उसको दबा करके रखेगा अर्थात उनके जीवन साथी की ज्यादा चलेगी और ऐसा जातक विवाह को बचाए रखने के लिए हमेशा प्रयास करते रहते हैं और खुद झुक जाते हैं।


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  •  वही जिसकी विवाह रेखा ऊपर की ओर उठी हो, कनिष्ठा उंगली की ओर तो इसका मतलब यह होता है कि ऐसा व्यक्ति वैवाहिक जीवन में इंटरेस्ट रखने वाला नहीं होता हैं विवाह के योग भी इस कारण से कम बनते देखने को मिलते हैं, और ऐसे जातक अधिकतर अविवाहित ही रहकर के अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं


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  •  विवाह रेखा किसी भी प्रकार से अगर टूटी हुई हो तो विवाह होने के बाद भी दूरी बने रहने के योग या फिर डिवोर्स तलाक के योग को यह बताता है। वहीं अगर यहां पर रेखा तो मौजूद हो परंतु बहुत धुंधली और स्पष्ट ना दिख रही हो तो भी ऐसा व्यक्ति विवाह के बाद भी विवाह के सुखों से वंचित रहता है।

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  •  विवाह रेखा पर या विवाह रेखा के अंत में किसी भी प्रकार से अगर क्रॉस का चिन्ह मौजूद होता है तो यह अत्यंत ही अशुभ चिन्ह माना जाता है क्योंकि यह विवाहित जीवन में होने वाले विरोध को घमासान को और उतार-चढ़ाव को व्यक्त करता है।


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  •  विवाह रेखा के बीच में या विवाह रेखा के ऊपर में द्वीप का चिन्ह होना सही नहीं होता है यह विवाह में उठापटक और तकलीफ को व्यक्त करता है। 


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  •  यदि किसी व्यक्ति के विवाह रेखा के ऊपर तिल हो तो यह बुरे स्वास्थ्य की ओर इशारा करता है जो कि आपके जीवन साथी को रहेगा या फिर शादी के बाद आपको रहेगा।



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 जब कोई रेखा सारे हाथ को काट कर विवाह रेखा को स्पर्श करें या विवाह रेखा को कोई रेखा काट रही है या सीधीखड़ी रेखा भी ज्यादा मौजूद होती है, तो अक्सर ऐसे लोगों के विवाह में विलंब और बाधाओं को यह दर्शाता है और विवाह टूट जाने के योग ज्यादा बनते हैं


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  •  यदि विवाह रेखा सूर्य पर्वत पर पहुंच जाती है तो यह अत्यंत ही शुभ होता है क्योंकि ऐसे जातकों का विवाह उच्च पद प्राप्ति लोगों के साथ होने के योग ज्यादा होते हैं या फिर बड़े कुल में होने के योग ज्यादा होते हैं परंतु अगर यही सूर्य रेखा को काटते हुए आगे तक निकल जाए तो जान लीजिए कि शादी के बाद आपकी इज्जत प्रतिष्ठा मान सम्मान पर आंच आने वाली रहेगी।


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  •  वही किसी व्यक्ति के एक हाथ में एक ही विवाह रेखा हो और दूसरे हाथ में दो विवाह रेखा हो तो यह बहुत शुभ होता है क्योंकि ऐसा व्यक्ति बहुत ही मजे में अपना दांपत्य जीवन बिताता है क्योंकि ऐसे लोगों को उनका जीवन साथी सर्वगुण संपन्न मिलता है और जैसे पुरुष है तो बहुत सुंदर स्त्री मिलेगी साथ ही साथ संस्कारी और न्याय प्रयोग और चरित्रवान होगी दूसरा अगर स्त्री के हाथ में ऐसे योग हैं तो पुरुष बहुत उच्च पदाधिकारी अच्छा कमाने वाला और बहुत समझदार मिलने वाला रहेगा।

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  •  एक ही विवाह रेखा और स्पष्ट विवाह रेखा एवं सीधी विवाह रेखा होना सबसे शुभ माना जाता है। जिनके दोनों हाथों में एक समान विवाह रेखा मौजूद हो तो ऐसे लोग अपने विवाह में बहुत अच्छा तालमेल बनाकर चलने वाले होते हैं यही एकमात्र कारण होता है कि उनका विवाहित जीवन सफल होने के साथ-साथ उनके बच्चे भी बहुत संस्कारी होते हैं।


    Palmistry marriage line

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तो जानिए कुछ और अन्य सूचक जो बताते हैं कि विवाह में किस प्रकार के अवरोधक या किस प्रकार के योग आपके जीवन में आने वाले रहेंगे


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  •  चंद्र पर्वत से जाती हुई भाग्य रेखा शादी के बाद होने वाले लाभ को, उन्नति को और बहुत अच्छे जीवन को व्यक्त करती है ऐसे जातक विवाह के बाद बहुत तरक्की करते हैं। और दिन दुगुनी रात चौगुनी उन्नति करने के साथ-साथ सारी इच्छा मनोकामना पूरी होती है

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  • विवाह रेखा के नीचे ही हृदय रेखा होती है और इस हृदय रेखा में अगर अंत में गो पूछ जैसी आकृति बनी हो तो यह बताती है कि आप फ्लाइटी रोमांटिक नेचर के रहने वाले रहेंगे। ऐसे लोग शादी के बाद बहुत अच्छे से रिश्ते निभाने वाले होते हैं। परंतु इनमें दिक्कत यही रहती है कि दूसरी स्त्री या पराए पुरुष पर इनकी  निगाह या बातचीत थोड़ा सा इस तरीके का होता है कि यह इनके दांपत्य जीवन में थोड़ा अवरोधक पैदा कर सकता है तो इस कारण से इनके पति या पत्नी असुरक्षित भी महसूस करते हैं।


               विवाह रेखा पर त्रिशूल

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  • ऐसे तो हाथ में कहीं भी त्रिशूल बनाना बेहद ही शुभ फलदायक होता है परंतु अगर यह त्रिशूल आपके विवाह रेखा के ऊपर हो तो समझ लीजिएगा कि शादी के बाद आपके जीवन में चार चांद लग जाएगा। क्योंकि यह भाग्यशाली होने के योगों को बताता है। ऐसे जातक बहुत ही किस्मत वाले होते हैं क्योंकि त्रिशूल का चिन्ह यहां पर सफलतापूर्वक दांपत्य जीवन के योग को बताता है। ऐसे जातक की शादी के बाद खूब धन आता हैं और जीवन में किसी चीज की कमी नहीं होती और साथ ही जीवनसाथी खूब प्यार दुलार इज्जत सम्मान देने वाला होता है।


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1 Comments

Unknown said…
Very informative ....